Wednesday, December 16, 2009
9 बजे से खुलेगा बाजार ट्रेडिंग टाइम में बदलाव
परसों से सुबह नौ बजे से ही ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। NSE ने आज अपनी बैठक में ट्रेडिंग करीब एक घंटा पहले शुरू करने का फैसला लिया है। NSE के इस फैसले के तुरंत बाद आज BSE ने भी सुबह नौ बजे से ही ट्रेडिंग का एलान कर दिया ।
दरअसल इस होड़ की शुरुआत BSE ने ही की थी। BSE ने कल ही समय दस मिनट पहले ट्रेडिंग की पहल की थी। जिसके बाद आज NSE ने ट्रेडिंग का समय पचपन मिनट बढ़ा दिया है। NSE ने आज इस बात को माना भी कि BSE की पहले के बाद उसके पास समय बढ़ाने के सिवा कोई रास्ता नहीं था। हालांकि फैसले से पहले सभी सदस्यों से बातचीत हुई है।
NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO रवि नारायन का कहना है कि ट्रेडिंग का वक्त बढ़ाने से पहले सभी सदस्यों से चर्चा करके सहमति बनाई गई है। सभी शुरूआत जल्दी करने को तैयार हैं लेकिन बंद होने का वक्त बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे।
BSE ने भी शुक्रवार से ट्रेडिंग का समय 9 बजे से कर दिया है। हमसे बात करते हुए एक्सचेंज के हेड (प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी), साई श्रीनिवासन ने बताया कि NSE के ट्रेडिंग का समय बढ़ाने की वजह से उन्हें ये फैसला लेना पड़ा है। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि फिलहाल BSE मार्केट क्लोजिंग का समय बढ़ाने जा रहा है।
बाजार के खुलने का समय बढ़ने पर HDFC सिक्योरिटीज के वीके शर्मा का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में निवेशकों को कोई फायदा नहीं होने वाला है जो फायदा है वो सिर्फ एक्सचेंजों को होगा
आने वाले दिनों में अब निवेशकों को सुबह नौ से शाम पांच बजे के लिए भी तैयार होना चाहिए। BSE के मार्केटिंग हेड- जिम शैपिरो का कहना है कि एक्सचेंजों को वक्त के हिसाब से चलना होगा और आज नहीं तो कल ट्रेडिंग के घंटे बढ़ाने पड़ सकते हैं।
ज्यादातर ब्रोकरों को इससे वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद नहीं है बल्कि उन्हे ज्यादा वक्त तक काम करने की परेशानी होगी। हालांकि कुछ का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ बेहतर तालमेल हो सकेगा।
हालांकि, इन्वेस्टरों की राय ब्रोकरों से अलग है। उनका मानना है कि इससे उन्हे ट्रेडिंग के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा यानी सहूलियत बढ़ जाएगी।
BSE के इस फैसले के बारे में एशिया पैसिफिक रिसर्च एंड कंसल्टिंग के एमडी साइरस दारूवाला का कहना है कि बाजार थोड़ा पहले खुलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हां अगर बाजार बंद होने के टाइम में फेरबदल होता है तो सेटलमेंट के वक्त थोड़ी परेशानी जरूर आ सकती है।
NSE Circular capital market - http://www.nseindia.com/content/circulars/cmtr13705.pdf
NSE Circular F&O - http://www.nseindia.com/content/circulars/faop13704.pdf
Bse Circular - http://www.bseindia.com/cirbrief/new_notice_detail.asp?noticeid={0390CE05-EC9B-4A9B-A13B-33E8955150CF}noticeno=20091216-29&dt=12/16/2009&icount=29&totcount=30&flag=0
दरअसल इस होड़ की शुरुआत BSE ने ही की थी। BSE ने कल ही समय दस मिनट पहले ट्रेडिंग की पहल की थी। जिसके बाद आज NSE ने ट्रेडिंग का समय पचपन मिनट बढ़ा दिया है। NSE ने आज इस बात को माना भी कि BSE की पहले के बाद उसके पास समय बढ़ाने के सिवा कोई रास्ता नहीं था। हालांकि फैसले से पहले सभी सदस्यों से बातचीत हुई है।
NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO रवि नारायन का कहना है कि ट्रेडिंग का वक्त बढ़ाने से पहले सभी सदस्यों से चर्चा करके सहमति बनाई गई है। सभी शुरूआत जल्दी करने को तैयार हैं लेकिन बंद होने का वक्त बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे।
BSE ने भी शुक्रवार से ट्रेडिंग का समय 9 बजे से कर दिया है। हमसे बात करते हुए एक्सचेंज के हेड (प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी), साई श्रीनिवासन ने बताया कि NSE के ट्रेडिंग का समय बढ़ाने की वजह से उन्हें ये फैसला लेना पड़ा है। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि फिलहाल BSE मार्केट क्लोजिंग का समय बढ़ाने जा रहा है।
बाजार के खुलने का समय बढ़ने पर HDFC सिक्योरिटीज के वीके शर्मा का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में निवेशकों को कोई फायदा नहीं होने वाला है जो फायदा है वो सिर्फ एक्सचेंजों को होगा
आने वाले दिनों में अब निवेशकों को सुबह नौ से शाम पांच बजे के लिए भी तैयार होना चाहिए। BSE के मार्केटिंग हेड- जिम शैपिरो का कहना है कि एक्सचेंजों को वक्त के हिसाब से चलना होगा और आज नहीं तो कल ट्रेडिंग के घंटे बढ़ाने पड़ सकते हैं।
ज्यादातर ब्रोकरों को इससे वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद नहीं है बल्कि उन्हे ज्यादा वक्त तक काम करने की परेशानी होगी। हालांकि कुछ का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ बेहतर तालमेल हो सकेगा।
हालांकि, इन्वेस्टरों की राय ब्रोकरों से अलग है। उनका मानना है कि इससे उन्हे ट्रेडिंग के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा यानी सहूलियत बढ़ जाएगी।
BSE के इस फैसले के बारे में एशिया पैसिफिक रिसर्च एंड कंसल्टिंग के एमडी साइरस दारूवाला का कहना है कि बाजार थोड़ा पहले खुलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हां अगर बाजार बंद होने के टाइम में फेरबदल होता है तो सेटलमेंट के वक्त थोड़ी परेशानी जरूर आ सकती है।
NSE Circular capital market - http://www.nseindia.com/content/circulars/cmtr13705.pdf
NSE Circular F&O - http://www.nseindia.com/content/circulars/faop13704.pdf
Bse Circular - http://www.bseindia.com/cirbrief/new_notice_detail.asp?noticeid={0390CE05-EC9B-4A9B-A13B-33E8955150CF}noticeno=20091216-29&dt=12/16/2009&icount=29&totcount=30&flag=0
Labels: NSE BSE MCX NCDEX NEWS
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